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बाल विवाह कानून क्या है? | what is Child Marriage in Hindi?

बाल विवाह कानून क्या है? | what is Child Marriage in Hindi?


भारत में बाल विवाह जैसे कुप्रथा सदियों से प्रचलित है। हमारे देश में बाल विवाह करना लगभग सभी धर्मोंमें, समुदायोंमें और वर्गों में देखने को मिलते है। हालांकि, यह कुप्रथा शहरी क्षेत्रों की बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर देखने को मिलती है। इस तरह के कुप्रथा करने वाले गरीबी, अशिक्षा और रुढिवादी सोच रखने वाले लोगों कोही इसका मुख्य कारण माना जाता है। आइए इस लेक के माध्यम से हम बाल विवाह कानून क्या है? | what is Child Marriage in Hindi? यह जाननें की कोशिश करते है।


बाल विवाह कानून क्या है? | what is Child Marriage in Hindi?

  1. बाल विवाह का मतलब है कि वह शादी जिसमें वर अथवा वधू अथवा दोनों शादी के लिए कानून द्वारा निर्धारित किए गए उम्र से कम के होंते है।
  2. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत महिलाओं और पुरूषों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारीत कि गई है जिसमे महिलाओं के लिए उनकी आयू क्रमशः 18 वर्ष निर्धारित कि गई है और पुरूषों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है।

क्या बाल विवाह शून्य होता है?

इस बात को लेकर लोगों में काफी भ्रम है इसलिए इसको ठीक से समझना बहोत जरूरी है।
  1. यह कानून किसी बाल विवाह को शुरू से ही रद्द नहीं करता है। बलके इस अधिनियम के तहत कुछ परिस्थितियों में ही बाल विवाह पूरी तरीके से शून्य समझे जाते है। बाकी परिस्थितियों में बालक एवं बालिका दोनों में से एक के विक्लप पर ही शादी को शून्य करवाया जा सकता है। आसान भाषा में कहें तो लडका अथवा लडकी दोनों अगर चाहे तो वे व्यस्क होने पर याने उनके बालिग होने पर बाल विवाह को जारी रखकर वैधता प्राप्त कर सकते है। धारा 3 के तहत प्रत्येक बाल विवाह दोनों में से एक पक्षकार (लडका और लडकी) के विकल्प पर शून्यकरणीय होगा। यानी दोनों में से कोई भी एक बालक विवाह को रद्द करवाने के लिए जिला न्यायालय में अर्जी दाखिल कर सकता है।
  2. यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है की बाल विवाह को शून्य घोषित करवाने की अर्जी को बालक को उसके व्यस्कता याने बालिग होने के बाद 2 साल के भीतर या उससे पहले दाखिल करना होता है।
  3. धारा 12 के तहत जब किसी बच्चे की शादी अपरहण, तस्करी, बलपूर्वक, छल जबरदस्ती या बहला फुसलाकर की गई होती है तब वह बाल विवाह शुरू से ही शून्य माना जाएगा। धारा 14 के तहत यदि कोई बाल विवाह न्यायालय द्वारा पारित आदेश के खिलाफ आयोजित किया जाता है तो ऐसा बाल विवाह प्रारंभ से ही शून्य होता है।

बाल विवाह करने के लए आपराधीक दंड

  1. बाल विवाह करवाने वाले अथवा बाल विवाह करने के लिए योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों को जैसे- वर एवं वधू पक्ष के माता पिता, रिश्तेदार, बाराती, किसी संस्था के सदस्य, विवाह करवाने वाले पंडित इत्यादि व्यक्तियों को बाल विवाह करने के अपराध में 2 वर्ष तक का कठोर कारावास और एक लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
  2. कोई व्यस्क पुरूष यदि बाल विवाह करता है तो उसे 2 वर्ष तक की कठोर कारावास या एक लाख तक का जुर्माना हो सकता है अथवा दोनों हो सकते है।

कानूनी सलाह

बाल विवाह जैसे कुप्रथा को तभी मिटाया जा सकता है जब सारा समाज संगठित होकर प्रयास करें। किसी बाल विवाह के कभी भी भागीदार न बनें। कहीं पर आपको यदि किसी बाल विवाह की खबर लगे तो नजदीकी पुलिस स्टेशन में अवश्य सूचना दें।


इस लेख के माध्यम से हमने हमारे पाठकों को बाल विवाह कानून क्या है? | what is Child Marriage in Hindi? के बारे में सरल और आसान भाषा में जानकरी देने की कोशिश की है। यदि आपको हमारी यह जानकरी पसंद आये और आपको और भी कोई कानूनी जानकरी हासिल करनी हो तो आप अपनी राय निचे कमेंट बॉक्स में जरूर दे। साथ ही हमारे इस पोर्टल apanahindi.com पर आवश्य भेट दे।




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